फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) भाजपा को बेवजह ही भ्रष्टाचारियों की वाशिंग मशीन कहा जाता है, दरअसल ये उससे भी कहीं आगे भ्रष्टाचारी संरक्षक और प्रोत्साहन पार्टी है। गोशाला के नाम पर करोड़ों की हेरफेर करने की साजिश रचने वाले जिस अमित आहूजा को पार्टी से निकाल बाहर किया जाना चाहिए था वह अदलखा के बाद अब केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर का बगलगीर होकर घूूम रहा है। यह भाजपा का ठप्पा ही है कि जिस अमित आहूजा को गाय माता के कल्याण के नाम पर करोड़ों डकारने की साजिश रचने का वीडियो वायरल होने के बाद जेल भेजा जाना चाहिए था वह विधायक, मंत्री के साथ घूम रहा है, पुलिस पर दबाव बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ अपनी फोटो सोशल मीडिया पर लगाए हुए है।
सुधी पाठकों को याद होगा कि बडख़ल विधायक भ्रष्टाचारी धनेश अदलखा का चेला अमित आहूजा का खेड़ी गूजरान की गोशाला संचालक मंजू यादव ने एक वीडियो वायरल किया था। इस वीडियो में अमित आहूजा बता रहा था कि वह गोशाला को एक करोड़ का फंड दिलवाएगा जिसमें से नब्बे लाख रुपये वापस कर दिए जाएंगे और दस लाख रुपये गोशाला संचालिका और उसके साथी मिल कर डकार जाएं। वीडियो में अमित कह रहा है कि इस डील में उसे पांच लाख रुपये मिलेगा जिसे वह जरूर लेगा। वीडियो में बातें चल रही हैं कि इस तरह के फंड में साठ और चालीस के अनुपात में रकम की बंदरबांट की जाती है तो अमित बता रहा है कि वह तो बाहर से आने वाले धन में होता है, यह धन तो वह अपनी पार्टियों से दिलवाएगा। इतनी बड़ी रकम का खर्च दिखाने का भी उसने पूरा फार्मूला बताया था। वीडियों में वह विधायक धनेश अदलखा, सतीश फागना और मंत्रीजी का सहयोग होने के दावे भी करता नजर आ रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद भ्रष्टाचारी धनेश अदलखा ने दिखावे के लिए अमित आहूजा से दूरियां बना लीं, सूत्र बताते हैं कि पर्दे के पीछे अमित अदलखा के एजेंट की तरह काम करता ही रहा। सुधी पाठकों को याद दिला दें कि फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष पद पर रहते हुए धनेश अदलखा ने फार्मेसी रजिस्ट्रेशन, रिन्यू कराने वाले अभ्यर्थियों से मोटी रकमें वसूली थीं। जांच में यह भी सामने आया था कि अदलखा इन अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम के लिए गोशालाओं की रसीद थमाता था। गोशालाओं के नाम पर अकूत संपत्ति की लूट कमाई के पैंतरों से वाकिक अदलखा ने विधायक बनने के बाद अमित आहूजा को इस काम में लगाया था। सत्ता और विधायक का साथ होने के कारण अमित खुल कर दलाली करने में जुट गया था कि वीडियो वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने पर पत्तलपाड़ मीडिया ने तो इस खबर को चलाया नहीं लेकिन सोशल मीडिया और मज़दूर मोर्चा ने प्रकाशित किया था। इस पर अदलखा ने अमित आहूजा को साथ रखना बंद कर दिया था।
भ्रष्टाचारियों का पालन पोषण करने वाली भाजपा के नेता इतने होनहार दलाल को ज्यादा दिन दूर नहीं रख सकते थे, इसलिए उसे तरक्की देकर लीडर से डीलर बने केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर के चेलागीरी में लगा दिया गया है। वर्तमान में अमित आहूजा विधायक धनेश अदलखा के साथ ही एनएचएआई के ठेकेदार से करोड़ों घूस मांगने वाले अनुभवी केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर के साथ दुमछल्ले की तरह घूमता दिखाई दे रहा है। अब देखना ये है कि अनुभवी केंद्रीय मंंत्री दलाली में माहिर हो रहे अमित आहूजा को कितनी बड़ी वसूली में लगाते हैं, जानकार कहते हैं कि वसूली के गुरों में यह भी सिखाया जाएगा मोटी डीलिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन और हिडेन कैमरे से कैसे बचना है ताकि उसकी और पार्टी की छवि स्वच्छ बनी रहे।