रोहतक (मज़दूर मोर्चा) बलात्कार व हत्या के मामलों में दोहरी सजा पाए हुए सिरसा के डेरा सच्चा सौदा वाले पाखंडी राम-रहीम को हरियाणा सरकार ने पांच जनवरी को 40 दिन की पैरोल दे दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 28 अगस्त 2017 को 20 साल के लिए रोहतक की सुनारिया जेल भेजे गए इस पाखंडी को अब तक कुल 387 दिन की 15 बार पैरोल व फरलो मिल चुकी हैं। अर्थात आठ साल की इस कैद के दौरान वह 387 दिन ऐय्याशी करने के लिए अपने विभिन्न डेरों में जाता रहा है। इसका आपराधिक रिकॉर्ड काफी पुराना व लम्बा है। इस पर मुकदमा दर्ज होना कोई आसान काम नहीं था। इसी के चलते वह बेखौफ होकर बलात्कार व हत्याएं करने से बिल्कुल नहीं घबराता था। यह तो इत्तेफाक से तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को मिले एक पत्र के आधार पर सीबीआई के जिम्मे यह केस पड़ गया वरना स्थानीय पुलिस की तो हिम्मत ही नहीं थी कि इसके खिलाफ कोई कार्रवाई कर सके। मुकदमा दर्ज होने के बावजूद यह कभी कोर्ट में पेश नहीं होता था क्योंकि इसे अदालतों से जमानत मिलती रहती थी। सजा वाले दिन यानी 28 अगस्त 2017 को भी बड़ी मुश्किल से हरियाणा सरकार इस गुंडे को पंचकुला स्थित सीबीआई अदालत में पेश कर सकी। उस दिन इसके डेरे से पंचकुला तक 200 गाडिय़ों का काफिला सड़कों पर दनदनाता हुआ अदालत तक पहुंचा था। इसके अलावा बड़ी संख्या में पंजाब व अन्य स्थानों से हजारों की संख्या में उपद्रवी अंधभक्त अदालत परिसर तक पहुंचे थे।
पाखंडी राम को शायद यह विश्वास दिला कर अदालत तक लाया गया था कि उसे कुछ नहीं होने वाला। लेकिन ज्यों ही उसे माननीय अदालत ने सजा सुना दी तो वहां उपद्रव शुरू हो गए। दर्जनों लोग मारे गए व सैंकड़ों घायल हो गए, आसपास के अनेकों घरों में तोड़-फोड़ व वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। हरियाणा सरकार की हिम्मत नहीं थी कि इस पाखंडी को सड़क मार्ग से सुनारिया जेल तक ले जा सके। इसलिए हेलीकॉप्टर द्वारा इसे जेल भेजा गया। इसकी तमाम काली करतूतों के बावजूद जेल को भी इस के लिए अति सुविधाजनक गेस्ट हाउस बना दिया गया। वहां के जेल सुपरिंटेंडेंट सुनील श्योराण की सेवाओंं से अति प्रसन्न होकर इस पाखंडी राम ने उसे 2024 में हुए विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का टिकट दिला दिया और वह विधायक बन गया। इसी से समझा जा सकता है कि भाजपाई हरियाणा सरकार किस तरह से एक गुंडे एवं उपद्रवी, बलात्कारी एवं हत्यारे के कदमों में लोट-पोट रहती आई है। संदर्भवश सुधी पाठक यह भी जान लें कि 2014 में खट्टर के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी थी तो खट्टर को छोड़ कर शेष सारा मंत्रिमंडल तथा भाजपा विधायक इसके चरणों में लोट-पोट होने के लिए इसके डेरे में पहुंचे थे। इतना ही नहीं वहां सरकारी खजाने से मोटे चढ़ावे भी चढा कर आए थे। ऐसे में यदि हरियाणा सरकार उसे पंद्रहवीं बार पैरोल पर छोड़ रही है तो कोई आश्चर्य की बात नहीं। वैसे भी भाजपा को बलात्कारियों व हत्यारों से अत्यधिक लगाव रहता है। ये पाखंडी राम भाजपा का कोई अकेला कृपापात्र नहीं है। ऐसे कृपापात्रों की सूची काफी लम्बी है। इनमें उन्नाव के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर, अंकिता भंडारी के कातिल बड़े भाजपाई नेता दुष्यंत गौतम, चिन्मयानंद, केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री का बेटा टैनी, व कुश्ती संघ का पूर्व प्रधान वृजभूषण सिंह आदि-आदि शामिल हैं; पाखंडी बाबाओं की तो कोई गिनती ही नहीं।
इस दुष्ट पाखंडी बाबा की सुरक्षा की सरकार को इतनी चिंता है कि जेल से बाहर निकलते ही इसे भारी पुलिस बल के घेरे में, जहां ये चाहे, ले जाया जाता है। सरकार को हमेशा यह भय बना रहता है कि उसके इस पालतू पाखंडी की जनता हत्या न कर दे। दूसरी ओर जिस बहादुर पत्रकार रामचन्द्र छत्रपति की हत्या के आरोप में इसे सजा हुई थी, उसके परिवार को दी गई सुरक्षा भी हरियाणा सरकार ने हटा ली है। यानी कि इस पाखंडी बाबा के गुर्गों के सामने उस परिवार को खुला छोड़ दिया गया है, वे जब चाहें इस परिवार को सबक सिखाने के लिए उस पर हमला कर सकें।
पाखंडी को मिली अब तक की पैरोलों का विवरण इस प्रकार है 1.24 अक्टूबर, 21:1 दिन की पैरोल बीमार मां के लिए। 2. 21 मई, 2021: 1 दिन की, बीमार मां के लिए फिर। 3.7 $फरवरी, 22: 21 दिन की , पंजाब में चुनाव थे। 4.15 अक्टूबर, 22: 40 दिन की, हरियाणा निकाय चुनाव थे। 5.15, अक्टूबर, 22: 40 दिन की, आदमपुर उपचुनाव थे। 6. 21 जनवरी, 23: 40 दिन, शाह सतनाम जयंती थी। 7.20 जुलाई, 23:30 दिन, 15 अगस्त को बर्थडै था। 8.21 नवंबर, 23: 21 दिन, राजस्थान में चुनाव थे। 9.19 जनवरी, 24: 50 दिन, लोकसभा चुनाव थे। 10.13 अगस्त, 24: 21 दिन, 15 अगस्त को बर्थडे था। 11. 13 अक्टूबर, 24: 21 दिन, हरियाणा में चुनाव थे। 12. 28 जनवरी, 25: 30 दिन दिल्ली में चुनाव थे। 13.9 अप्रैल, 25:41 दिन, डेरे का स्थापना दिवस था। 14.5 अगस्त, 2025: 40 दिन 15 को बर्थडे था।