नगर निगम को बपौती समझता है जेई प्रवीण कुमार

नगर निगम को बपौती समझता है जेई प्रवीण कुमार
February 11 16:47 2026

फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) नगर निगम भ्रष्टाचार का गढ़ तो है ही अब इसमें काम करने वाले कर्मचारी इसे अपनी बपौती भी मानने लगे हैं, सरकार, एचकेआरएन या नगर निगम के नियम कुछ भी हों ये कर्मचारी अपने जूते की नोक पर रख मनमर्जी करते हैं। ऐसे ही एक ‘होनहार’ कर्मचारी हैं जेई प्रवीण शर्मा, भाई साहब के मुताबिक उन्होंने परिवार के साथ समय बिताने के लिए सितंबर में तीन दिन की कैजुअल लीव ली, लेकिन नियमों को ठोकर मार कर सरकार, विभाग प्रमुख से अनुमित लेना तो दूर उन्हें बताए बिना ही एक सप्ताह की विदेश यात्रा पर निकल गए। हिम्मत तो देखिए साहब की, विदेश यात्रा की फोटो भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपडेट करते रहे, खास बात यह है कि उनके इस सोशल मीडिया अकाउंट से निगम के अधिकारी भी जुड़े हैं लेकिन सवाल उठाना तो दूर इन लोगों ने बाकायदा जेई साहब का अतिरिक्त छुट्टियों का वेतन भी जारी कर दिया।

सुधी पाठकों को बता दें कि ये वही प्रवीण शर्मा हैं जो 2018 में सरकार की ओर से आयोजित योग्यता परीक्षा में इस कारण नहीं बैठ सके थे, कि उनकी इंजीनियरिंग की डिग्री में कुछ लोचा फंस गया था। बावजूद इसके सत्ता की गोद में बैठ कर वह न केवल जेई पद का आनंद उठा रहे हैं बल्कि मनमर्जी से नौकरी भी कर रहे हैं। जेई प्रवीण शर्मा ने बीते सितंबर के पहले सप्ताह में तीन दिन की छुट्टी ली थी। नियमानुसार छुट्टी के बावजूद यदि कोई कर्मचारी स्टेशन छोड़ता है तो उसे आला अधिकारियों से इसकी अनुमति लेनी आवश्यक है। यदि विदेश यात्रा पर जाना है तो उसे इसके लिए एचकेआरएन मुख्यालय और हरियाणा सरकार से बाकायदा अनुमति लेनी होती है। सत्ता की गोद में बैठे जेई प्रवीण कुमार के लिए ये सारी कवायदें कोई मायने नहीं रखतीं, तो निगमायुक्त धीरेंद्र खडगटा किस खेत की मूली हैं, कि उनसे विदेश यात्रा की अनुमति ली जाए, अनुमति तो दूर उन्हें सूचना देने की जहमत तक नहीं उठाई।

निगम सूत्रों के अनुसार प्रवीण कुमार की तीन दिन की छुट्टी एसडीओ विनोद कुमार और एक्सईएन हरीश कुमार ने स्वीकृत की थी लेकिन किसी ने उन्हें आधिकारिक रूप से स्टेशन छोडऩे या विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दी, जान कर अनजान बनने की बात अलग है। निगम सूत्र बताते हैं कि छुट्टी तो महज तीन दिन की ली, लेकिन जेई प्रवीण शर्मा कम से कम सात दिन तक विदेश और हवाई यात्रा करते रहे, यानी छुट्टी के बाद भी जेई साहब ड्यूटी से तीन से चार दिन तक गायब रहे।

गजब तो यह है कि उनकी सितंबर माह की पूरी सैलरी जारी कर दी गई यानी कोई छुट्टी नहीं काटी गई। निगम सूत्रों के मुताबिक एसडीओ विनोद कुमार और एक्सईएन हरीश कुमार को अतिरिक्त छुट्टियों की जानकारी थी बावजूद इसके पूरे महीने की वेतन स्लिप पर दोनों अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए, यही तो भाईचारा है। प्रवीण शर्मा के करीब एक सप्ताह गायब रहने की पुष्टि के सवाल पर निगम सूत्रों ने बताया कि मोबाइल फोन का डेटा ही सबसे बड़ा सबूत है, यदि जांच की जाए तो जेई साहब पांच सितंबर से 12 सितंबर के बीच कहां रहे मोबाइल पर उनकी गूगल लोकेशन हिस्ट्री बता देगी, यह भी कि नेपाल में किस होटल में रुके, कहां कहां गए कितनी देर तक रुके, किस हवाई जहाज से गए और लौटे सारी डिटेल निकल आएगी।

हालांकि इस संबंध में जेई प्रवीण कुमार कहते हैं कि उन्होंने तीन दिन की सीएल ली थी इसके अलावा एक रविवार होने के कारण वह चार दिन छुट्टी पर रहे, नेपाल जाने की बात से उन्होंने साफ इनकार कर दिया। प्रवीण शर्मा जैसी दुधारू गाय को छुट्टी देने वाले एसडीओ विनोद कुमार ने पहले तो मामले की जानकारी से इनकार किया लेकिन जब खुद को फंसते देखा तो बोले कि हां, छुट्टी दी थी लेकिन बिना सरकार की अनुमति के कोई सरकारी कर्मचारी विदेश नहीं जा सकता, और प्रवीण शर्मा को विदेश यानी नेपाल जाने की कोई अनुमति दिए जाने से इनकार किया। एक्सईएन हरीश कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा।

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Mazdoor Morcha
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