भाजपा नेताओं की राजनीतिक जूतमपैजार का गढ़ बन चुका है नगर निगम

भाजपा नेताओं की राजनीतिक जूतमपैजार का गढ़ बन चुका है नगर निगम
February 06 13:13 2026

मनोनीत पार्षदों के शपथग्रहण समारोह में गूजर-गोयल गुटों की खुन्नस खुल कर सामने आई
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बीते दिनों नगर निगम में तीन मनोनीत पार्षदों की शपथग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। गोदी मीडिया ने बढ़चढ़ कर छापा कि निगम में अब पार्षदों की संख्या बढ़ कर 49 हो गई लेकिन इस समारोह से करीब चालीस पार्षदों के अनुपस्थित रहने पर सब चुप्पी साध गए। दरअसल, इस शपथग्रहण समारोह में हुई राजनीतिक जूतमपैजार को ‘पत्तलपाड़ोंÓ ने देख कर भी अनदेखा कर दिया। यह जूतमपैजार केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर और कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के बीच अदृष्य रूप से हुई।

सुधी पाठकों को याद होगा कि नगर निगम चुनाव में केंद्रीयमंत्री कृष्णपाल गूजर ने अपनी चरणवंदना करने वाले 43 चाटुकारों को टिकट दिलवाया था, इनमें से 40 जीते भी थे। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और राजेश नागर ने भी अपने लोगों को टिकट दिलवाए थे, उनके गुट के तीन लोगों को जीत मिली थी। चालीस पार्षद जितवाने के कारण गूजर खुद को नगर निगम का बेताज बादशाह समझने लगे थे और उनके चेले माहौल बना रहे थे कि मंत्री गूजर ही सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर तय करेंगे। इसी अति आत्मविश्वास में गूजर ने बीती 11 अगस्त को नगर निगम सदन की बैठक बु़लाकर सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर की घोषणा कर उन्हें शपथ दिलाने का ऐलान कर दिया। बैठक में गूजर अपने चालीस पार्षदों के साथ ठसक के साथ पहुंचे थे, लेकिन न तो महापौर प्रवीण बत्रा जोशी पहुंची न ही कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और उनके समर्थक पार्षद। बेचारे गूजर को अपना सा मुंह लेकर सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की घोषणा किए बिना ही लौटना पड़ा था। जानकारों के अनुसार निगमायुक्त को ऊपर से आदेश था कि बिना महापौर के कोई कार्रवाई शुरू न की जाए।

अलीबाबा की तरह चालीस पार्षदों के सरदार गूजर पूरी ताकत से खुल जा सिम सिम कहते रहे लेकिन वरिष्ठ उप महापौर और उप महापौर का दरवाजा नहीं खुलवा सके थे। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और महापौर प्रवीण बत्रा जोशी द्वारा मारे गए अदृष्य जूते की चोट गूजर के दिमाग तक असर कर गई थी लेकिन खट्टर के हटने के बाद राज्य की राजनीति बदलने से बेचारा कसमसा कर रह गया।
बेचारे गूजर को कोई मौका तो मिल नहीं पा रहा था। इस बीच कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने अपने चेलों योगेश शर्मा, जसवंत सैनी और प्रियंका बिष्ट बिधूनी को पार्षद मनोनीत करवा दिया था। बीते दिनों कैबिनेट मंत्री के इशारे पर इन पार्षदों को नगर निगम में भव्य कार्यक्रम के दौरान शपथ दिलाने का कार्यक्रम रखा गया। बेचारे गूजर को बदला लेने का यही मौका दिखा और उसने अपने चालीस पार्षदों को शपथग्रहण कार्यक्रम से दूर रहने का व्हिप जारी कर दिया। हालांकि अधिकतर पार्षद कोई न कोई बहाना बना कर समारोह में नहीं आए लेकिन उनमें से कुछ आक़ा के व्हिप का उल्लंघन कर कार्यक्रम में पहुंचे, माना जा रहा है कि ये पार्षद गूजर के जहाज से उतर कर गोयल गुट की ढपली बजाने लग गए हैं।

इधर, गूजर गुट के लोग खुशी मना रहे हैं कि शपथ ग्रहण कार्यक्रम में उपस्थित न होकर उन्होंने भी 11 अगस्त के जूते का बदला ले लिया है। राजनीतिक जानकार गूजर गुट की इस खुशी को बचकाना मान रहे हैं। उनके अनुसार मनोनीत पार्षदों को शपथ ग्रहण करवाने के लिए पार्षदों की उपस्थिति या अनुपस्थिति से कोई फर्क नहीं पडऩे वाला। हां, यह जरूर है कि कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल प्रदेश आला कमान के कान भर सकते हैं कि गूजर उनके क्षेत्राधिकार में बेवजह टांग अड़ा कर भाजपा विरोधी काम कर रहे हैं। जानकार कहते हैं कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का अभी तक नहीं चुना जाना बता रहा है कि विपुल गोयल के जूते में ज्यादा दम है जो चालीस पार्षदों का आक़ा होने का दम भरने वाले गूजर के सिरदर्द की वजह बना हुआ है।

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