डीजीपी को थार व बुलेट ही अपराधी नजर आते हैं फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) शहर भर में असामाजिक तत्वों, गुंडा गिरोहों व अफरा-तफरी फैलाने वाले को नियंत्रण में रखना पुलिस का मुख्य दायित्व होता है। लेकिन जब पुलिस सोई रहे अथवा कमाई के अन्य धंधों में जुटी रहे तो हुल्लड़बाज बेखौफ होकर सड़कों पर इस तरह उपद्रव एवं स्टंट करते हुए चलते हैं कि जनसाधारण का सड़क पर चलना दूभर हो जाए।
ऐसा ही एक दृश्य 24 तारीख रात नौ बजे, बीके चौक से हार्डवेयर चौक के बीच देखने को मिला। चार किलो मीटर के इस रास्ते पर सफेद स्कॉर्पियों नम्बर यूपी 16 ई 2082 तथा काली स्कॉर्पियों नम्बर डीएल 8 सी ए वी 6383 में लदे हुए दर्जनों लड़कों ने ऐसी स्टंटबाजी एवं हल्ला-गुल्ला मचाया कि इस रास्ते पर चलने वाले लोग डर के मारे सड़क छोड़ कर किनारे खड़े हो गए। ये लड़के अपनी-अपनी गाडिय़ों की खिड़कियों से आधे बाहर निकल कर भयंकर शोर मचाते हुए तरह-तरह की स्टंटबाजी कर रहे थे। दो लड़के तो गाड़ी से बाहर निकल कर सिगरेट पीने का प्रदर्शन कर रहे थे।
जो हुल्लड़बाजी कर रहे थे सो कर रहे थे, अपनी इस हरकत का वीडियो भी खुद ही बना कर वायरल भी कर रहे थे। चार किलो मीटर के इस रास्ते पर, कहने को तो दो पुलिस नाके भी हैं और हार्ड वेयर चौक पर बाकायदा एक ट्रैफिक पुलिस का अवैध सा कमरा भी बना हुआ है। इतना ही नहीं स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करके लगाए गए कैमरे इस वक्त क्या कर रहे थे? शायद उनकी एक्सपायरी डेट निकल गई होगी। कुल मिला कर न तो कैमरे कोई काम आए और न ही पुलिस। लगता है पुलिस केवल वाहनों के चालान करके उन से उगाही गई रकम को ही अपना एकमात्र टारगेट समझती है। उसे शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने की कतई कोई जरूरत महसूस नहीं होती।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने UP16EJ2082 नम्बर वाली गाड़ी को तलाश करके कब्जे में लेकर आईपीसी की धारा 279, 336 में बंद कर दिया। बाद में जिन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। दूसरी गाड़ी को भी तालाश करके नोटिस जारी कर दिया गया है। दोनों ही गाडिय़ां व उनमें बैठे युवक उप्र से यहां शादी पर आये थे।