लेबर कोड के विरुद्ध मजदूरों का प्रदर्शन, अध्यादेश जलाया

लेबर कोड के विरुद्ध मजदूरों का प्रदर्शन, अध्यादेश जलाया
January 07 12:32 2026

फरीदाबाद (मजदूर मोर्चा) बुधवार 26 नंबर को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के तत्काल बाद देश के प्रधानमंत्री के नाम 15 सूत्री मांगों का ज्ञापन तहसीलदार फरीदाबाद सुमेर सिंह को सोंपां गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सवेरे सभी घटकों के सैकड़ों सदस्य सेक्टर 12 में राजस्थान भवन के सामने एकत्रित होकर सभा का आयोजन किया । इस प्रदर्शन की अध्यक्षता एटक के बेचू गिरी, इंटक के हुकम चंद बेनीवाल, ?एच एम एस के आर डी यादव,? सीटू के निरंतर पाराशर, आईसीटीयू के कामरेड पूर्ण लाल, सर्व कर्मचारी संघ के जगदीश चंद्र आदि नेताओं ने संयुक्त रूप से की। जबकि कार्रवाई का संचालन कन्वीनर वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने किया। इस मौके पर हुई सभा को सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उप प्रधान और नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकारें जनता की खून पसीने से खड़ी की गई देश की बहुमूल्य संपत्तियों को औने-पौने दामों पर अडानी- अंबानी जैसे बड़े पूंजीपतियों और देसी विदेशी कॉर्पोरेट के हाथों में बेचने का काम कर रही है। इस सरकार ने वर्ष 2020 में बनाए गए मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड्स को आनन -फानन में लागू करने के लिए 21 नवंबर को अध्यादेश जारी कर दिया।

आज इस अध्यादेश की प्रतिलिपि भी मुख्यालय के सामने जलाई गई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की मजदूर किसान कर्मचारी विरोधी नीतियों का डटकर विरोध किया जाएगा। आज के प्रदर्शन को एटक के नेता कामरेड आर एन सिंह ने संबोधित करते हुए बताया कि आज बेरोजगारी भयंकर रूप से बढ़ रही है। सरकार बेरोजगारी को समाप्त करने के लिए कदम नहीं उठा रही है। पूंजीपतियों के मुनाफे के लिए देश के संसाधनों सार्वजनिक व सरकारी क्षेत्र रेल, कोयला, बिजली, बैंक, बीमा ,सब कुछ देसी विदेशी कॉरपोरेटर के हवाले किया जा रहा है। इंटक के हुकुमचंद बेनीवाल ने कहा कि फैक्ट्रीयों में काम के घंटे बढ़ा दिए गए हैं। एच एम एस के एस डी त्यागी ने कहा कि राज्य सरकार न्यूनतम वेतन में संशोधन नहीं कर रही है। जबकि वेतन में बढ़ोतरी 6 साल पहले होनी चाहिए थी।सर्व कर्मचारी संघ जिला सचिव बालवीर बालगुहेर ने बताया कि प्रदेश में कर्मचारियों के हजारों पद खाली हैं। सरकार बरसों से विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों को पक्का नहीं कर रही है। इसके बजाय हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कर्मचारियों को लगाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उनके जॉब की सिक्योरिटी भी नहीं मिल रही है। सीटू की नेता हेमलता ने कहा कि परियोजना कर्मियों के साथ केंद्र और राज्य की सरकार भेदभाव करती है। उन्हें जीने लायक वेतन भी नहीं दिया जाता है। जबकि ऑनलाइन काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसके विरोध में 6 दिसंबर से 8 दिसंबर तक केंद्रीय मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर के आवास पर स्कीम वर्कर 24 घंटे का पड़ाव डालेंगे। आईसीटीयू के कामरेड जवाहरलाल ने कहा कि 29 श्रम कानूनों को इस सरकार ने चार श्रम संहिताओं में बदलकर देश के श्रमिकों के साथ भद्दा मजाक किया है। इसको सहन नहीं किया जा सकता। आज के प्रदर्शन को रिटायर कर्मचारी संघ की नेत्री श्रीमती आशा शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि केंद्र की सरकार रिटायर हुए कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ नहीं देना चाहती है। प्रदर्शन को रिटायर कर्मचारी संघ के जिला प्रधान नवल सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार मजदूर किसान विरोधी है। इस प्रदर्शन को बिजली कर्मचारियों के पूर्व नेता सतपाल नरवत ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने अपने कार्यकाल में श्रमिकों, मजदूरों,छात्रों, महिलाओं की अनदेखी और उपेक्षा की है। इस प्रदर्शन को डॉक्टर रमाशंकर तिवाड़ी, स्टडी सर्किल के प्रधान ने भी संबोधित किया। इस प्रदर्शन का समापन अध्यक्ष मंडल के वरिष्ठ नेता कामरेड बेचू गिरी ने किया ।

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