फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) — बडख़ल विधानसभा में नगर निगम ने चौक, चौराहों और सड़कों पर बिजली की लडिय़ों का जाल बिछाकर इस विधानसभा को रात के समय रोशनी से जगमगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह दृश्य देखने में सुंदर भी लग रहा था, लेकिन इस जगमगाहट के पीछे निगम अधिकारी अपना नकारापन छुपा नहीं पाए। त्योहारों के इस मौके पर सरकार साफ-सफाई का खास ध्यान दे रही है, जिसके चलते कई पखवाड़े भी चलाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, मंत्री और विधायक खुद झाड़ू लेकर सफाई करते हुए फोटो खिंचवाते देखे जा सकते हैं। वे यह सब करके लोगों को सफाई के प्रति प्रेरित करना चाहते हैं।
आम जनता मंत्री-विधायकों के इस प्रयास से क्या सबक लेगी, यह तो पता नहीं, लेकिन निगम अधिकारियों पर इसका रत्तीभर असर नहीं पड़ रहा है। बडख़ल विधानसभा में बीके, ईएसआई और चिमनीबाई धर्मशाला चौक स्थित गोलचक्कर निगम अधिकारियों के नकारेपन का जीता-जागता सबूत हैं। त्योहारों के अवसर पर चौक-चौराहों पर लाखों रुपये खर्च कर बिजली की लडिय़ाँ लगाकर रात के समय इन चौराहों की चमक तो बढ़ा दी, लेकिन दिन के उजाले में निगम अधिकारी अपना नकारापन छुपा नहीं पाए। चौक-चौराहों पर बने गोलचक्करों को लाइट लगाकर सजाया तो गया, लेकिन इन गोलचक्करों पर लगे पेड़-पौधों की समय-समय पर कटिंग और देखरेख न होने के चलते ये जंगल का रूप ले चुके हैं।
इतना ही नहीं, बीके चौक स्थित माता गूजरी की मूर्ति की सफाई व देखरेख के मद्देनजऱ इसे शीशे से कवर किया गया था, लेकिन वह शीशा टूटे हुए एक माह से अधिक हो चला है। माता गूजरी की मूर्ति पर गंदगी साफ देखी जा सकती है। इस विधानसभा में सिर्फ यही नहीं, अन्य जगहों पर भी कूड़े के ढेर और स्ट्रीट लाइट के न जलने की समस्या देखी जा सकती है। झूठी रौनक दिखाने के चक्कर में चार दिन के त्योहार के लिए जनता की गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये लाइटों के नाम पर पानी की तरह बहा दिए गए। रात तो जगमगा दी, लेकिन इन नाकारा निगम अधिकारियों को कौन समझाए कि रात के बाद दिन भी होता है — और दिन के उजाले में इनका नकारापन छिपाए नहीं छिपेगा।