गौ रक्षा के नाम पर लोगों की हत्या करने वाले 500 करोड़ का बजट तो डकार सकते हैं, गौ की रक्षा नहीं कर सकते

गौ रक्षा के नाम पर लोगों की हत्या करने वाले 500 करोड़ का बजट तो डकार सकते हैं, गौ की रक्षा नहीं कर सकते
October 25 06:17 2025

फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) एनआईटी के एनएच-4 स्थित केंद्रीय विद्यालय नंबर-1 के पीछे मैदान में बुधवार (15 अक्टूबर) को एक गाय को तड़पती हालत में पाया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने सुबह से ही कई एनजीओ, गौ-रक्षकों और नगर निगम को फोन किए, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। किसी ने कहा कि उनके पास एम्बुलेंस नहीं है, तो किसी ने 1100 रुपये मांग लिए, जबकि कुछ ने फोन तक नहीं उठाया।

लोगों के अनुसार गाय सुबह पांच बजे से ही तड़प रही थी, लेकिन रात दस बजे तक कोई सहायता नहीं पहुंची। आखिरकार, रात करीब 11 बजे सामाजिक कार्यकर्ता रजनी भाटिया के प्रयासों से झज्जर स्थित गोकुल गौ सेवा धाम संस्था की टीम मौके पर पहुंची और गाय को इलाज के लिए अपने साथ ले गई। गंभीर सवाल यह है कि हरियाणा सरकार द्वारा गौ-सेवा आयोग के लिए 510 करोड़ रुपये का बजट जारी करने के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात इतने बदतर क्यों हैं? 2014-15 में यही बजट मात्र 2 करोड़ रुपये था, जिसमें से अब 216.25 करोड़ रुपये सिर्फ चारे के लिए रखे गए हैं। नगर निगम के मेडिकल ऑफिसर नितेश परवाल ने बताया कि वे शाम 5 बजे तक ही सेवा दे पाते हैं, उसके बाद कर्मचारियों की ड्यूटी समाप्त हो जाती है, इसलिए सहायता नहीं मिल सकी। यह घटना फरीदाबाद की उन दर्जनों गोशालाओं और एनजीओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करती है, जो आवारा पशुओं के नाम पर निगम से लाखों रुपये तो लेती हैं, लेकिन जब किसी पशु को वास्तविक मदद की जरूरत होती है, तो सब “ज़ीरो बट्टा सन्नाटा” साबित होते हैं।

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Mazdoor Morcha
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