फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सावन महीने की आखिरी रात में शहर में हुई थोड़ी सी बारिश में डबुआ भोजपुरी समाज धर्मशाला और लेजर वैली पार्क वाली सड़क पर करीब चार फीट ऊंचाई तक जलभराव हो गया। यह पानी रात तक नहींं निकल पाया। डबुआ और आसपास रहने वालों के लिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि हमेशा ही हल्की सी बारिश में इस सड़क पर कमर तक पानी भरना आम बात है। लेकिन इस बार यह जलभराव तब हुआ है जब नगर निगम ने यहां बरसाती पानी निकालने के लिए 1 करोड़ 80 लाख रुपये स्टॉर्म वाटर लाइन डालने के नाम पर खर्च किए बताए हैं। हालात देख कर कोई भी समझ सकता है कि पूरा का पूरा पैसा अधिकारियों की जेब में चला गया। लेजर वैली पार्क के बगल में स्थित नगर निगम के डंपिंग यार्ड के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीते शनिवार सुबह लगभग एक घंटे की बारिश के बाद सड़क पर करीब चार फीट पानी खड़ा हो गया था। पानी लेजर वैली पार्क में भी घुस गया, और डंपिंग यार्ड में भी। डंपिंग यार्ड में मोटर लगाकर पानी निकालना पड़ा था। रविवार सुबह तक जैन मंदिर के पास सड़क पर जलभराव बना रहा था।
खुद को नगर निगम का सबसे ईमानदार और पढ़ा लिखा इंजीनियर कहने वाले एक्सईएन नितिन कादियान ने बीती मई में ऐलान किया था कि इस बार एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में जलभराव की समस्या नहीं होने दी जाएगी। तब उन्होंने बताया था कि डबुआ कॉलोनी के पास बरसात के समय अत्यधिक जलभराव की समस्या रहती है। यहां की समस्या खत्म करने के लिए उन्होंने एक करोड़ अस्सी लाख रुपये खर्च कर स्टॉर्म वाटर लाइन बिछाने का प्लान बताया था। कादियान ने पूरा प्लान भी बताया था कि डबुआ कॉलोनी के फागना चौक से चंद कदम की दूरी पर स्थित जैन मंदिर तक 900 एमएम चौड़ी स्टॉर्म वाटर ड्रेन और फिर वहां से प्याली चौक पर मुख्य नाले तक 1200 एमएम की स्टार्म वाटर लाइन डाली जाएगी। प्याली से हार्डवेयर चौक तक 1700 एमएम की स्टॉर्म वाटर लाइन डाली जाएगी। मज़दूर मोर्चा ने अपने 1 जून 2025 के अंक में ‘फर्जी स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज से रोकेंगे जलभराव’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित करके बता दिया था कि अधिकारियों के लिए सोना, लहंगा, आईफोन आदि का जुगाड़ करने वाला एक्सईएन नितिन कादियान जनता की गाढ़ी कमाई के पौने दो करोड़ से अधिक की लूट बांट का डालेगा। स्टार्म वाटर लाइन तो कहीं डाली नहीं गई, हां जैन मंदिर से लेकर भोजपुरी धर्म शाला के बीच एक दो दिन जेसीबी से नाला सफाई कराई गई। जैन मंदिर से प्याली चौक तक कुछ हुआ ही नहीं, तो समझा जा सकता है कि प्याली चौक से हार्डवेयर चौक तक कितना काम किया गया है।
निगम सूत्र कहते हैं कि सच्चाई यह है कि कहीं भी स्टार्म वाटर ड्रेन या लाइन डाली ही नहींं गई। बरसात से पहले रुटीन नाला सफाई की गई जिसका बजट अलग से बनाया गया है। क्योंकि नाला सफाई में भी तो मोटी हरामखोरी की जाती है इसलिए उसी तर्ज पर डबुआ में भी दिखावे के लिए ही नालों से गाद निकाली गई। ये सारी तैयारियों अप्रैल और मई महीनों में ही की जाती हैं ताकि बरसात में जल निकासी व्यवस्था ठीक होने के कारण कहीं जलभराव न हो। सूत्र कहते हैं कि जानबू्झ कर यह काम बरसात शुरू होने के करीब किया जाता है, ताकि बारिश के कारण गड़बड़ी होना दिखा कर सारी रकम हड़प ली जाए। एक्सईएन कादियान का एक करोड़ 80 लाख रुपये का प्रोजेक्ट भी उसी रणनीति के तहत बरसात से ठीक पहले बनाया गया, परिणाम सबके सामने है। पौने दो करोड़ भी खर्च हो गए और जलभराव के हालात वही हैं जैसे बीते दो तीन वर्षों से थे।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि दरअसल, दस करोड़ की जमीन देकर टिकट हासिल करने और कई करोड़ रुपये खर्च कर विधायक बनने वाले सतीश फागना को न केवल इस खर्च की भरपाई करनी है बल्कि आगामी चुनावों के लिए भी तो मोटी रकम का प्रबंध करना है। समझा जा सकता है कि ये रकम जनता तो दान करने से रही। यही विकास कार्य ही लूट कमाई का सहारा हैं। नितिन कादियान ने एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में पौने दो करोड़ से अधिक की फर्जी ड्रेन लाइन की योजना खुद तो नहीं बनाई होगी। विधायक साहब के आदेश पर ही मीडिया में योजना का ढिंढोरा पिटवाया होगा। आम सी बात है कि कादियान इतनी बड़ी रकम खुद तो हड़प नहीं सकता, इसमें विधायक, मंत्री, अधिकारी सबकी हिस्सापत्ती होगी। फर्जी काम के नाम पर अपनी गर्दन फंसाने वाले ठेकेदार के भी बिना काम के दस प्रतिशत बनते ही हैं। जब जन प्रतिनिधि अपनी जेब भरने में लगा हो तो फिर अधिकारी भी बेखौफ होकर भ्रष्टाचार और लूट पाट करते हैं, क्योंकि उन्हें मालूम है कि सर पर आका का हाथ है और लूट कर उन्हें ही पहुंचा रहे हैं तो कोई विजिलेंस, कोई सीआईडी उनके पास नहीं फटकेगी, आखिर विजिलेंस और सीआईडी भी तो विधायक मंत्री के आका सीएम के अंडर आती है, अब सीएम साहब अपने विधायक, मंत्री के खिलाफ जांच के आदेश कभी दे नहीं सकते, तो अधिकारी भी सुरक्षित हैं। भरोसेमंद सूत्र कहते हैं कि निगमायुक्त से लेकर विधायक मंत्री का खास बनने की चाह में नितिन कादियान दो सौ करोड़ के घोटाले में फंसे पूर्व चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर को कहीं पीछे छोड़ चुका है। उसे एनकैप जैसे लूट कमाई वाले प्रोजेक्ट दिए हैं जिनमें खर्च तो करोड़ों बिना बात के कर दिए जाते हैं लेकिन परिणाम कोई नहीं पूछता। यदि, कादियान द्वारा कराए गए सभी विकास कार्यों की ऑडिट करा दी जाए तो भ्रष्टाचार और लूट के ऐसे प्रोजेक्ट सामने आएंगे जो दो सौ करोड़ के घोटाले को कहीं पीछे छोड़ चुके होंगे।