फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) नगर निगम में विकास कार्य तो नहीं लेकिन भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान गढ़ कर अखबारों को सुर्खियां देने वाली निगमायुक्त मोना ए श्रीनिवास को सरकार ने आखिर खुड्डे लाइन लगा दिया। उनकी जगह रोहतक के डीसी धीरेंद्र खडगटा को नगर निगम की कमान सौंपी गई है।
उन की कुर्सी तो तब ही खतरे में पड़ गई थी जब अमृत योजना के काम पूरा नहीं कराने के जुर्म में फरवरी 2025 में चीफ इंजीनियर बीके कर्दम का तबादला हिसार नगर निगम कर दिया गया था। दरअसल फरवरी में स्थानीय शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने अमृत योजना की समीक्षा बैठक की थी। बैठक में ठेकेदार ब्रज गोपाल ने मंत्री के मुंह पर ही बकाया काम करने से इनकार कर दिया था, बात बढ़ी तो पता चला था कि चीफ इंजीनियर बीके कर्दम ने तो ठेकेदार को आधे-अधूरे काम के लिए भी पूरा भुगतान कर दिया है, रकम फंसने का कोई डर नहीं था तो ब्रज गोपाल मंत्री विपुल गोयल से ही काम करने से इनकार कर रहा था। तब कर्दम पर तो गाज गिरा दी गई थी लेकिन मैडम की करतूतें भी सामने थी।
सुधी पाठकों को याद दिलाते चलें कि मज़दूर मोर्चा ने 28 दिसंबर 2024-3 जनवरी 2025 के अंक में ‘चर्चा में है मैडम का पांच लाख का लहंगा’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार एक्सईएन नितिन कादियान ने जिस ठेकेदार से मैडम के पांच लाख के लहंगे का भुगतान करवाया था वह यही बृजगोपाल था। अब मैडम को पांच लाख का लहंगा भी पहनाए और काम भी पूरा करे कैसे हो सकता है। समझा जा सकता है कि बीके कर्दम ने किसके कहने पर बृजगोपाल को काम किए बिना ही भुगतान किया था। संभवता यह बात शहरी स्थानीय विभाग के आयुक्त एवं सचिव विकास गुप्ता भी जानते थे, इसलिए उन्होंने सीएम सैनी को शांत करने और समझाने का प्रयास किया कि कर्दम को ट्रांसफर तो कर दिया है लेकिन नायब सैनी को यह भी साबित करना था कि वह सीएम हैं।
मज़दूर मोर्चा में खबर प्रकाशित होने के बाद चंडीगढ़ मुख्यालय द्वारा करवाई गई जांच में पांच लाख का लहंगा लेने की बात की पुष्टि हुई थी, उनके खिलाफ कार्रवाई भी होनी थी लेकिन नगर निगम चुनाव के कारण मामला दबा दिया गया था। महंगा लहंगा ही नहीं, मातहतों से सोने के बिस्कुट की डिमांड करने, लाख-पचास हजार की फटीक, जॉनी वॉकर जैसी महंगी शराब की पेटिंया ले कर मैडम ने सभी शाखाओं के एक्सईएन, एसडीओ, जेई को खुल कर कमाई करने और हिस्सापत्ती पहुुंचाने को मजबूर कर दिया। नतीजा यह हुआ कि काम तो कहीं हुआ नहीं, काम के नाम पर खूब लूट कमाई की गई।
मैडम का तबादला तो काफी पहले से ही तय हो गया था, मज़दूर मोर्चा समय समय पर लिखता भी रहा है। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल मोना मैडम को हटाना चाहते थे लेकिन कठपुतली सीएम नायब सैनी को कर्मठ दिखाने के लिए उनके द्वारा समीक्षा बैठक का पाखंड कर यह निर्णय लेना दर्शाया गया। बीते रविवार को सतीश फागना की धन्यवाद रैली के बाद सीएम सैनी ने अधिकारियों के साथ बैठक की, बैठक में एफएमडीए और नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की गई। भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस का ढोल पीटने वाले वाले खट्टर के कार्यकाल से लेकर अब तक पिछले करीब ग्यारह साल में हुए कई सौ करोड़ के गबन, लूट-बांट का ब्यौरा तो सारे भाजपाइयों के पास पहले से मौजूद है।
खट्टर की तर्ज पर नायब सैनी को भी भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाला सीएम दिखाने का पाखंड करना था सो चीफ इंजीनियर बीके कर्दम को निलंबित कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश देने का नाटक किया गया। बताया जाता है कि सीएम ने बैठक में मैडम मोना को भी खूब डांट पिलाई कि वह यहां क्या करती रही ? अब सीएम साहब नाराज हुए तो मैडम की कुर्सी जाना तय था, सोमवार देर रात यह फरमान भी जारी हो गया। मैडम के साथ उनके पति ए श्रीनिवास से भी हिसार मंडल की कमिश्नरी छीन कर दोनों को खुड्डे लाइन लगा दिया गया।
मैडम मोना ए श्रीनिवास को खुड्डे लाइन लगाने का सरकार का फैसला समाचार जगत के लिए दुखदायी है। वह सोने के बिस्कुट की डिमांड, पांच लाख का लहंगा पहन कर, जॉनी वॉकर ब्लू लेबिल शराब की पेटिंयां मांग कर, लाख-डेढ़ लाख की फटीक मातहतों पर डाल कर मीडिया को अच्छा कंटेंट उपलब्ध कराती थीं। उनके जाने के बाद इस सबका अभाव हो जाएगा। वैसे पाठकों को निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भ्रष्टाचार का विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर नगर निगम, उसके बाकी हरामखोर, निकम्मे अधिकारी तो यहीं मौजूद हैं। मैडम मोना के जाने से भी नगर निगम में चल रहे काले कारनामे तो जारी ही रहेंगे। और जब नगर निगम खट्टर-गूजर के भ्रष्टाचारी चेले, विधायक धनेश अदलखा के बडख़ल विधानसभा क्षेत्र बडख़ल में स्थित है तो सोने में सुहागा मानिए।
ये वही अदलखा है जिसके नगर निगम वित्त कमेटी का सदस्य रहते हुए दो सौ करोड़ का घोटाला हुआ था। अदलखा जिस तरह खुद नगर निगम का तोडफ़ोड़ दस्ता लेकर अवैध निर्माण गिरवाने के लिए घूम रहा है, उससे स्पष्ट है कि इस मद में मोटी लूट कमाई की तैयारी है, जाहिर है कि सबको हिस्सापत्ती मिलेगी। मैडम मोना ए श्रीनिवास जैसी भ्रष्टाचार पोषक, ठेकेदार-मातहत शोषक निगमायुक्त नगर निगम में हरामखोरी व रिश्वतखोरी का जो कीर्तिमान बना कर गई हैं उसे ध्वस्त करना नवागत निगमायुक्त धीरेंद्र खडगटा के लिए बड़ी चुनौती होगा।