गिरफ्तारी से बचने को बिल में घुसने वाला भ्रष्टाचारी अदलखा विधायक बनते ही विजिलेंस जांच सेटल करने की बात कर रहा

गिरफ्तारी से बचने को बिल में घुसने वाला भ्रष्टाचारी अदलखा विधायक बनते ही विजिलेंस जांच सेटल करने की बात कर रहा
April 30 16:30 2025

फरीदाबाद नगर निगम का भ्रष्टाचार बढ़ाने मेंं विजिलेंस का अहम रोल
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सत्ता सुख और रसूख क्या होता है यह भ्रष्टाचारी धनेश अदलखा से ज्यादा और कौन समझेगा। हरियाणा फार्मेसी काउंसिल चेयरमैन रहते हुए की गई लूट कमाई में गिरफ़्तारी से बचने के लिए वह जिस विजिलेंस से बचता-छिपता भाग रहा था, विधायक बनने के बाद उसी विजिलेंस में भ्रष्टाचार के मामले को सेटल करवाने का दम भर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी की झूठ बोलने और जुमलेबाजी की कला को आत्मसात करने वाले भ्रष्टाचारी धनेश अदलखा ने बीते दिनों गोदी पत्तलपाड़ों को बुलाकर अपनी विधानसभा में कराए जा रहे कथित विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटना चालू किया। इस दौरान बड़बोलापन करते हुए उसने कहा कि बडख़ल विधानसभा क्षेत्र में नवादा-भाखरी रोड और गांधी कॉलोनी वाली सड़क को छोड़ कर 99.99 फीसदी सड़कें बनाई जा चुकी हैं। उसने पत्तलपाड़ों को चैलेंज किया कि वे इन दो सड़कों के अलावा उसकी विधानसभा क्षेत्र में कोई और टूटी सड़क दिखा दें। पांच सौ रुपये मेहनताने और चाय-बिस्कुट पर लहालोट होने वाले अधिकतर पत्तलपाड़ों ने उसकी हां में हां मिला दी, एक पत्रकार ने दशहरा ग्राउंड-बीके अस्पताल वाली टूटी सड़क का हवाला दिया तो साथी पत्तलपाड़ों ने उसे चुप करा दिया।

इस दौरान अदलखा ने कहा कि एक गांधी कॉलोनी वाली सड़क का मामला विजिलेंस में फंसा हुआ है, और वो क्लियर ही नहीं हो के दे रहा, इसके लिए बड़े हाई लेवल पर मीटिंग करवाने वाला हूं। ये वही अदलखा है जो दो महीने तक विजिलेंस से बचने के लिए मनोहर लाख खट्टर के घर में छिपा रहा था। अदलखा जैसे भ्रष्टाचारियों के संरक्षणकर्ता पूर्व सीएम खट्टर ने ही विजिलेंस में जांच अधिकारी बदलवा कर फार्मासिस्टों को लूटने वाले चेले धनेश को गिरफ़्तार होने से बचाया था। अब यही अदलखा विजिलेंस पर दबाव डालने के लिए हाईलेवल बैठक कराने के दावे कर रहा है। अदलखा मोटी कमाई की लालसा में ही गांधी कॉलोनी वाली सड़क बनाने की जल्दबाजी कर रहा है। सुधी पाठकों को याद दिलाते चलें कि विधायक बनने के साथ ही धनेश ने गांधी कॉलोनी वाली सड़क महज एक सप्ताह में पूर्ण करवाने का दावा करते हुए गोदी मीडिया में ढिंढोरा पीटा था कि इसके लिए उसने दो करोड़ 28 लाख रुपये का एस्टीमेट भी तैयार करवा लिया है। सुधी पाठक भली-भांति जानते हैं कि गांधी कॉलोनी वाली सड़क जो एनआईटी पांच भगत सिंह चौक से कोढ़ी कॉलोनी होते हुए पूर्व मंत्री सीमा त्रिखा के घर तक जाती है, 102 करोड़ की पेरीफेरल रोड का ही पार्ट है।

मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण करीब दो सौ मीटर सड़क का निर्माण रुका पड़ा है बाकी सड़क बनाई जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर और पूर्व मंत्री सीमा त्रिखा के चहेते रामकुमार गांधी काँट्रेक्टर ने 102 करोड़ की पेरीफेरल रोड में नाला, फुटपाथ, रेलिंग, सेंट्रल वर्ज, साइकिल ट्रैक व अन्य विकास कार्य नहीं किए, और नेताओं के इशारे पर उसे नगर निगम से भुगतान भी जारी कर दिया गया था।

विजिलेंस जांच इस पूरे मामले की चल रही है न कि जांच के कारण गांधी कॉलोनी की सड़क का निर्माण रुका हुआ है। इसके बावजूद स्मार्ट सिटी ने हनुमान मंदिर से भगत सिंह चौक तक फुटपाथ, ग्रिल, डिवाइडर आदि का काम अपने फंड से करवा डाला। भगत चौक से नीलम चौक तक नाला भी स्मार्ट सिटी ने बनवा डाला। एक ही काम नगर निगम और स्मार्ट सिटी दोनों ने करवा डाला और विजिलेंस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।

अब सुधी पाठकों को समझ में आ गया होगा कि केवल दो सौ मीटर सड़क के लिए दो करोड़ 28 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाने वाले विधायक धनेश अदलखा इसे बनवाने को क्यों उतावले हो रहे हैं। रही बात उनकी विधानसभा क्षेत्र में टूटी सड़कों की तो अदलखा को पूर्व मंत्री सीमा त्रिखा के आवास के सामने सेक्टर 21 डी में हूडा मार्केट के आसपास पड़ी टूटी सड़क का दौरा करना चाहिए। बडख़ल गांव जाने वाली मुख्य सड़क की खस्ता हालत भी उन्हें दिख जाएगी। अनखीर गोल चक्कर से सेक्टर 45 जाने वाली सड़क भी धनेश अदलखा के ही विधानसभा क्षेत्र में आती है। एनआईटी तीन मस्जिद चौक से श्मशान घाट तक की टूटी सड़क से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं।
बडख़ल झील चौक से अनखीर गोल चक्कर के बीच जगह जगह टूटी सड़क पर पैचवर्क का पाखंड किया गया है लेकिन अभी भी ये वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। अदलखा को केवल गांधी कॉलोनी वाली सड़क इसलिए दिख रही है कि वहां मोटी लूट कमाई की संभावनाएं हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस का ढिंढोरा पीटने वाले खट्टर की सच्चाई तो तब ही सामने आ गई थी जब उसने भ्रष्टाचारी धनेश अदलखा को विजिलेंस जांच से बचवाया और फिर भाजपा का टिकट दिलवाया। अब नए सीएम नायब सैनी सस्ती लोकप्रियता बटोरने के लिए प्रचार करवा रहे हैं कि उन्होंने किसी डीसी से कहा कि डीसी साहब कोई गलत काम मत करना नहीं तो जेल जाना पड़ेगा। अगर सीएम इतने ही ईमानदार हैं तो सबसे पहले अपने भ्रष्टाचारी विधायक अदलखा के खिलाफ दोबारा जांच शुरू कराएं, अन्यथा यह मानना गलत नहीं होगा कि वह भी संघ-भाजपा की कथनी-करनी में जमीन आसमान का अंतर रखने वाली मानसिकता पर चलकर जनता को मूर्ख बना रहे हैं।

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Mazdoor Morcha
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