मुजेसर बूस्टर की जमीन पर 18 साल से बैठे परसराम को नहीं ड्यूटी की फिक्र

मुजेसर बूस्टर की जमीन पर 18 साल से बैठे परसराम को नहीं ड्यूटी की फिक्र
April 30 14:42 2025

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) मुजेसर स्थित नगर निगम के बूस्टर में तैनात मोटर ऑपरेटर परसराम के लिए उसकी गाय भैंसें इतनी महत्वपूर्ण हैं कि वह समय पर जलापूर्ति भी नहीं करता। बूस्टर परिसर की करीब आठ सौ गज जमीन पर गाय भैंसों का तबेला चला रहा परसराम अधिकारयों को खुश रखने की कला में माहिर है, यानी पानी नहीं आने से जनता के नाराज होने पर उसे कोई फर्क नहीं पड़ता।

मज़दूर मोर्चा ने गतांक में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करा कमाई कर रहे निगम अधिकारी शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें जेई परवेज आलम और संयुक्त आयुक्त करण सिंह द्वारा परसराम को अभयदान दिए जाने के कारण विस्तार से बताए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार परसराम कहने को तो मोटर ऑपरेटर है लेकिन पानी नहीं चलाने पर शिकायत करने की चेतावनी देने पर कहता है कि नौकरी का मोहताज नहीं हूं, गाय भैसों का दूध-घी बेच कर वेतन से कई गुणा ज्यादा कमाता हूं। मोटर चलाने का दबाव बनाओ तो कहता है कि रैनीवेल से ही पानी नहीं आया, जब पानी है नहीं तो दूंगा क्या।

बीते मंगलवार को भी परसराम ने समय पर मोटर नहीं चलाई। पानी नहीं आने पर कुछ लोग बूस्टर पहुंचे तो उसने कह दिया कि रैनीवेल से पानी नहीं आया है, जब आएगा तब आगे भेजा जाएगा। परेशान लोग नवनिर्वाचित पार्षद रवि भगत के पास पहुंचे। रवि भगत उन लोगों के साथ बूस्टर पर पहुंचे तो परसराम ने उन्हें भी रैनीवेल से पानी नहीं दिए जाने की बात कह वरगलाना चाहा। पार्षद ने तुरंत आला अधिकारियों को फोन कर पूछा तो बताया गया कि पानी तो जारी किया गया है। इस पर उन्होंने ढक्कन हटाकर देखा तो बूस्टर में पानी का भंडार था। पानी होने के बावजूद मोटर नहीं चलाने का कारण पूछा तो परसराम इधर उधर की बातें करने लगा। लोगों ने बताया कि गाय-भैंसों के चक्कर में काम नहीं करता। पूछने पर परसराम ने बताया कि वह पिछले 18 साल से इसी बूस्टर पर तैनात है और डेयरी चला रहा है। रवि भगत ने चेतावनी दी कि अब अगर भंडारण होते हुए भी समय पर जलापूर्ति नहीं की तो निगमायुक्त से शिकायत करके दूसरे बूस्टर पर तबादला करवा कर डेयरी भी बंद करवा देंगे। बेखौफ दिख रहे परसराम ने जलापूर्ति तो चालू कर दी लेकिन उस पर पार्षद की धमकियों का कोई असर नहीं दिखा, अधिकारियों को शुद्ध दूध दही के साथ नकदी का चढ़ावा जो चढ़ाता है।

यह तो समझ आता है कि परसराम मोटर ऑपरेटर है और बूस्टर परिसर में रहता है इसलिए उसने रहने के साथ साथ गाय भैंस भी पाल लीं। इसके अलावा बूस्टर के बगल में ही कुछ दबंगों द्वारा करीब दस गाय भैंसें सरकारी जमीन पर बांध कर डेयरी चलाई जा रही है। इन्होंने डेयरी के लिए छप्पर डाल रखे हैं, पक्की नांद और चरही बना रखी है, भैसों का चारा रखने के लिए स्टोर और अपने रहने के लिए झुग्गी तक डाल रखी है। लब ए सड़क सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और गाय भैंसों के बंधे रहने के कारण वाहनों और आम लोगों का उधर से गुजरना मुश्किल होता है।

जेई परवेज आलम उन्हें भी नहीं हटवा रहा। जब डेयरी संचालकों से हर महीने मोटा नजराना बंधा हो तो फिर आम जनता की परेशानी से न परवेज आलम को कोई फर्क पड़ेगा न ही संयुक्त आयुक्त करण सिंह या निगमायुक्त मोना ए श्रीनिवास को।

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