करनाल। तनाव और गलत खान-पान के कारण लड़कियों के अलावा अब लड़के भी एनीमिया ग्रस्त होने लगे हैं। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर हुई 201 विद्यार्थियों की जांच में 134 विद्यार्थी एनीमिया ग्रस्त मिले। इस दौरान तीन विद्यार्थियों में एचबी आठ ग्राम से कम होने पर उन्हें नागरिक अस्पताल रेफर करना पड़ा। दयाल सिंह कॉलेज में रेडक्रॉस सोसाइटी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में लगे शिविर में सेक्टर-13 की सरकारी डिस्पेंसररी की चिकित्सकीय टीम ने सेवाएं दी। इस दौरान 201 विद्यार्थियों का हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया। हैरानी की बात यह है कि इनमें से महज 64 विद्यार्थी ही सामान्य पाए गए। डॉक्टरों के अनुसार, 57 विद्यार्थी हल्के एनीमिया (माइल्ड) से पीडि़त और 77 विद्यार्थी मध्यम एनीमिया (मॉडरेट) से ग्रस्त पाए गए। चिकित्सा अधिकारी डॉ. क्रांति ने एनीमिया के कारण, लक्षण एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच को आवश्यक बताया।
आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. तमन्ना ने आयुर्वेद आधारित पोषण, आहार व जीवनशैली से जुड़े सुझाव दिए और रक्त की गुणवत्ता व मात्रा संतुलित रखने के उपायों पर प्रकाश डाला। शिविर में पहुंचीं प्राचार्य डॉ. आशिमा गक्खड़ ने कहा कि स्वस्थ युवा ही सशक्त राष्ट्र निर्माण की नींव होते हैं। ऐसे शिविर समय रहते आवश्यक स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की दिशा में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।