करनाल। जिला प्रशासन की ओर से गेहूं की फसल मंडियों के बजाय राइस मिलों में गिरवाने की इजाजत नहीं दिए जाने से खफा चीका अनाज मंडी के आढ़तियों ने वीरवार को मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने नारेबाजी कर धरना दिया।
धरने का नेतृत्व मंडी प्रधान कर्म चंद गर्ग ने किया। कर्म चंद गर्ग ने कहा कि मंडी में गेहूं की आवक तेज हो गई है और अगले एक दो दिन में ही यहां की दोनों मंडियां गेहूं से अट जाएंगी। ऐसे में किसानों को अपनी फसल सड़कों के इर्द-गिर्द कच्ची जगहों पर गिरानी पड़ेगी, जिससे जहां फसल खराब होगी, वहीं जाम जैसी स्थिति भी पैदा होगी। उन्होंने कहा कि चीका के ज्यादातर आढ़तियों के अपने राइस मिल हैं। जहां फसल सुरक्षित रहने के साथ आढ़ती व किसानों को मंडी की अपेक्षा अधिक सहूलियत रहती है। इस सबके बावजूद जिला प्रशासन राइस मिलों में गेहूं गिराने की इजाजत नहीं दे रहा जिससे आढ़तियों में रोष है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि आढ़तियों व किसानों की सहूलियत को देखते हुए मंडियों के साथ-साथ राइस मिलों में भी गेहूं गिरवाने की इजाजत दें। कर्मचंद ने कहा कि दूसरे सभी शहरों में इस प्रकार की व्यवस्था है लेकिन चीका के आढ़तियों के साथ प्रशासन भेदभाव कर रहा है। इस अवसर पर पूर्व प्रधान जय पाल गर्ग, राजकुमार जाखौली, अशोक गर्ग, ओम प्रकाश, राजकुमार गर्ग, कश्मीर गर्ग, सुनील मित्तल भी मौजूद रहे। कैप्टन प्रमेश सिंह, एसडीएम गुहला ने बताया कि डीसी के आदेश हैं कि गेहूं किसी भी राइस मिल में न गिराई जाए। अभी मंडी में काफी जगह खाली है और आवक भी कम है। फसल की अधिक आवक होने व मंडी में जगह कम पडऩे की सूरत में मामला उपायुक्त के संज्ञान में लाया जाएगा।