बल्लभगढ़ (हरियाणा) मलेरणा रोड स्थित बालाजी फार्मेसी कालेज के सुब्बाराव सभागार में विश्व जल दिवस के अवसर पर 22 मार्च को जल मंथन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें देश भर के पर्यावरण विशेषज्ञ, पर्यावरणविद, समाज विज्ञानी और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर जल संकट और उससे बचने के उपायों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में पर्यावरण कार्यकर्ताओं को वृक्ष मित्र सम्मान, पर्यावरण योद्धा सम्मान, सुंदरलाल बहुगुणा स्मृति सम्मान, समाज रत्न सम्मान, अनुपम मिश्र स्मृति सम्मान व संत बिनोबा भावे स्मृति सम्मान से देकर उनकी गरिमा बढ़ाई गई।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय, मुख्य वक्ता बरेली स्थित हाउसिंगबोर्ड के डिप्टी कमिश्नर एवं पर्यावरण वेत्ता मांगेराम चौहान ने संयुक्त रूप से किया। अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं पर्यावरणविद्, इंडियन ट्राइबल सोसायटी कम्युनिकेशन सिस्टम रिसर्च सेंटर के उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र रावत ने पर्यावरण में हो रही तब्दीली के कारण विश्वस्तर बढ़ते जलसंकट की भयावह तस्वीर से श्रोताओं को रुबरू कराया। मुख्य अतिथि पद्मश्री उमाशंकर पांडेय ने जल संकट से निपटने के लिए सरकार ही नहीं आम नागरिक के योगदान पर जोर देते हुए अपने आसपास पौधरोपड़ करने और पोखरे-तालाबों के संरक्षण में सक्रिय योगदान निभाने पर जोर दिया। मांगेराम चौहान ने ग्लोबल वार्मिंग और उसके कारण जल चक्र पर पडऩे वाले दुष्प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की और इसे रोकने के लिए विश्वस्तर पर किए जा रहे उपायों से अवगत कराया।
कार्यक्रम को प्रख्यात पर्यावरणविद एवं ईएसडीए के अध्यक्ष डा. जितेन्द्र नागर, पर्यावरणविद संजय राणा, रमेश बोडाई, डा. प्रशांत सिन्हा, डा. रघुराज प्रताप सिंह और रामभरोसे मीणा ने भी संबोधित किया। इस मौके पर श्रीहरिजन सेवक संघ के सचिव संजय राय, सर्व सेवा संघ के सचिव अरविंद सिंह, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता हरपाल, संजय मोगा, डा. जयश्री सिन्हा, वन्य जीव संरक्षणवेत्ता सुश्री राधिका भगत और कचरा संरक्षण व प्रबंधन विशेषज्ञ शैली अग्रवाल भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजक ग्रीन इंडिया फाउण्डेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष डा. जगदीश चौधरी ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।