11वीं की विद्यार्थी ओन्शी को जनून है सार्वजनिक स्थानों को साफ़ सुथरा रखने का करनाल (अशोक कुमार) कर्ण झील, चण्डीगढ़ और दिल्ली के लगभग मध्य, करनाल शहर में स्थित है। झील का शांत जल और आसपास का हरा-भरो वातावरण, इसे आराम के लिए, पिकनिक और नाव चलाने के लिए आदर्श स्थान बनाते है। लेकिन यहां आने वाले पर्यटक अक्सर यहां पानी की खाली बोतलें, प्लास्टिक बैग व पॉलिथीन इधर उधर फ़ेक देते हैं जिस से जहां झील के जलीय जीवन ओर पारिस्थिकी तंत्र को नुक्सान पहुंचता है वहीं इसकी सुंदरता भी कम होती है। करनाल में कक्षा-11 की छात्रा ओंशी ने इस समस्या की तरफ ध्यान दिया और झील को साफ करने का सराहनीय और प्रेरणादायक कदम उठाया। पिछले तीन सालों में उसने कई बार प्लास्टिक कचरे को कर्ण झील से इकठ्ठा किया है और लोगों को प्लास्टिक वेस्ट व अन्य कचरे को कूड़ेदान मे डालने का आग्रह किया है। ओन्शी न केवल स्वयं श्रमदान कर कर्ण झील से प्लास्टिक कचरे को हटाती है बल्कि लोगों को भी वातावरण संरक्षण के लिए जागरूक कर रही है। ओन्शी के इन्ही प्रयासो से झील के सौन्दर्य मे सुधार हुआ है व उसने झील पर घूमने आये सभी लोगो से अपील की है की कर्ण झील हमारे शहर का सबसे सुन्दर एवं शांत स्थान है, हमे यहां पर प्लास्टिक व अन्य कचरा नहीं फैलाना चाहिए एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहना चाहिए। सामाजिक संस्था निफा के संस्थापक अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नु ने छोटी सी आयु में ओन्शी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उसका यह अभियान हमे याद दिलाता है कि व्यक्तिगत कार्य भी महत्वपूर्ण अंतर ला सकते हंै। उन्होंने करनाल वासियों से ओन्शी के कार्य में साथ मिलने व पर्यावरण को सुधारने की जिम्मेवारी लेने का आग्रह किया हैं।