झज्जर (मज़दूर मोर्चा) भिवानी से कैंटर में दुधारू गायें लेकर आ रहे तारीफ और कयम पर बीच रास्ते गोरक्षक गुंडों की नजर पड़ गई। उनसे बचते बचाते गोपालक बेरी पुलिस चौकी तक पहुंच गए। लेकिन भाजपाई सरकार के लाइसेंसी गुंडे उन्हें गोतस्कर बताते हुए पुलिस चौकी से खींच लाए और लाठी डंडो से उन्हें इतना पीटा कि वो अधमरे हो गए। तमाशबीन बनी पुलिस अपनी चौकी के भीतर हुए इस कांड से घबरा गई तो दोनों घायलों को ले जाकर रोहतक मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया। वहीं दूसरी ओर दोनों पक्षों के ऊपर मुकदमा भी दर्ज कर लिया। क्या कमाल है पुलिस का, हमलावरों के खिलाफ और पीडि़तों के खिलाफ भी बराबर कार्रवाई करके धन्य हो गई भाजपा सरकार की पुलिस।
दरअसल, संघी-भाजपा सरकार से गोरक्षा के नाम पर किसी को भी रोक कर पीटने, हत्या करने और पशु लूटने का लाइसेंस मिलने के कारण कथित गोरक्षक पशुपालकों के लिए आतंकवादी बनते जा रहे हैं। पशु ले जाने वाले मुसलमान हों तो फिर गोरक्षा के नाम पर पीट पीट कर उनकी हत्या तक करने में ये नहीं हिचकते। हिंदू हैं तो भी उन्हें छोड़ नहीं देते। मोटी रकम वसूलने के बाद ही उन्हें जाने दिया जाता है। सच्चाई यह है कि गोरक्षा इन गुंडों के लिए पुलिस की मिलीभगत से लूट कमाई का धंधा बन चुका है। हिंदू हो या मुसलमान, दलित या कोई और यदि वह वाहन में गोवंश लादे है तो भले ही डेयरी व्यवसाय के लिए ले जा रहा हो, गोरक्षक उसे रोक ही लेंगे। मुसलमान हुआ तो बिना पूछताछ गोतस्कर हो जाएगा। अब तो हिंदू पशु पालकों को भी नहीं छोड़ा जा रहा, बीते सप्ताह ही पलवल में गोरक्षक गुंडों ने संदीप नामक पशु पालक की हत्या कर दी थी और बालकिशन को जमकर पीटा था, ये दोनों हिंदू थे।
हिंदू पशुपालक को अगर पीटा नहीं जाता तो उनसे वसूली की जाती है। पशु छुड़वाने हैं तो पुलिस और गोरक्षकों को देकर संतुष्ट करना पड़ेगा। वरना अदालत के चक्कर में लाखों खर्च होंगे और केस फाइनल होने तक पशु भी हाथ नहीं आने वाले। ऐसे में बेचारे पशुपालक भी ले देकर पशु छुड़ाने को मजबूर होते हैं। गोरक्षा और गोरक्षकों का स्टिंग ऑपरेशन करके असलियत उजागर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार निरंजन टाकले की मानें तो ये लोग पशु तस्करों से वसूली कर अपने इलाके से उन्हें सुरक्षित निकलने की गारंटी देते हैं। जो पैसा नहीं देता उसको मारपीट कर पुलिस में देने और पशु छीनने का काम होता है। अब इनका मनोबल इतना बढ़ चुका है कि पशु तस्कर हो या पालक सबसे वसूली की जाती है।