फरीदाबाद सेक्टर 46 में हूडा के प्रतिबंधित प्लॉटों से लेकर मेवला महराजपुर कट तक सडक़ किनारे अवैध कब्जा करवाने वाले नेता ही हैं। हूडा के खाली प्लॉटों पर कब्ज़ा कराने वालों में कृष्णपाल गूजर और उनके समर्थकों का नाम पहला है। जानकारों के अनुसार करीब ढाई दशक पहले गूजर ने इस इलाके में अन्य प्रदेशों से आने वाले मज़दूर तबक़े के लोगों के लिए झुग्गियां बना कर किराए पर उठाईं। बिना हींग फिटकरी लगाए किराए की झुग्गियों के चोखे धंधे में मेवला महराजपुर के कई गूजर भी उतर गए। धंधा इतनी तेजी से बढ़ा कि बीस साल में हूडा की काफी बड़ी जमीन पर गूजरों के अवैध कब्जे हो गए। झुग्गियों की जगह तीन मंजिला पक्के मकान बना कर मोटा किराया वसूला जाने लगा।
अवैध कब्जेदारी के इस खेल में हूडा के अधिकारियों-कर्मचारियों और सर्वे विभाग को भी चुग्गा पानी मिलता रहा तो धंधा चलता रहा। लीडर संग डीलर बने कृृष्णपाल गूजर को मालूम है कि सरकार संरक्षित वन क्षेत्र में आने वाली जमीन को मुक्त कराने में लगी है तो उन्हें भी हूडा की इस ज़मीन में बहुत मोटी कमाई दिखाई दी, और इस जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए उन्होंने हूडा व प्रशासन का सहारा लिया। उनके इशारे पर हूडा ने बीते दिनों अवैध कब्जे हटाने के नोटिस जारी किए। बताया जाता है कि इस पर मेवला के गूजर केंद्रीय मंत्री से मिले और कार्रवाई रुकवाने को कहा। उन्हें क्या मालूम था कि कार्रवाई ही मंत्री गूजर के इशारे पर होनी है, जैसी कि उम्मीद थी मंत्री ने वैसा ही जवाब दिया कि तुम लोगों ने बीस साल तक खूब किराया खाया, कोठियां खड़ी कर लीं, प्रॉपर्टी बना डाली, हूडा की जमीन है छोडऩी तो पड़ेगी।
बताया जाता है कि गूजर मंत्री से नाराज होकर चले गए और पीठ पीछे उन्हें भला बुरा भी कहा गया। गूजर के इशारे पर शनिवार को हूडा ने मेवला में तीन दिन का अवैध कब्जा मुक्त अभियान चलाया। नाराज लोगों ने जमकर विरोध और हंगामा किया। तोडफ़ोड़ दस्ते के अधिकारियों को लोगों के अपशब्दों का सामना करना पड़ा, दो चार अवैध कब्जों को गिराने के बाद भारी विरोध देखते हुए काम रोकना पड़ा। सूत्रों के अनुसार भूमाफिया बन चुके मंत्री कृष्णपाल गूजर हूडा का इस्तेमाल कर इस बेशकीमती ज़मीन को खाली करवाएंगे, इसके बाद उनका खास चेला धनेश अदलखा उनके लिए हूडा अधिकारियों से मिलीभगत कर इस ज़मीन का ऊंचा मोल वसूलेगा।