बिजली बिल संशोधन के विषय में कर्मचारियों का प्रदर्शन

बिजली बिल संशोधन के विषय  में कर्मचारियों का प्रदर्शन
August 16 20:12 2022

फरीदाबाद। 08/08/2022 हरियाणा कर्मचारी महसंघ से सम्बंधित हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन की केंद्रीय कमेटी के आदेश व प्रदेश महासचिव श्री सुनील खटाना के आह्वान पर पूरे प्रदेश की सभी सब डिवीजन कार्यालयों पर बिजली बोर्ड के तमाम बिजली कर्मचारीयों ने बिजली बिल संशोधन अधिनियम 2022 के विरोध में अपने अपने बिजली कार्यालयों पर विरोध दर्ज कराया। केंद्र की सरकार व प्रदेश की सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एनडीए की सरकार को चेताया। । विरोध प्रदर्शन के इस अवसर पर प्रदेश महासचिव श्री सुनील खटाना ने कहा कि आज 08 अगस्त 2022 को देश के सभी संगठन एकजुट होकर केंद्रीय विद्युत मंत्री आर. के सिंह द्वारा बिजली संशोधन बिल 2022 संसद में पेश करने के विरोध में सभी कर्मचारी संगठनों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की । इस बिल के पेश होने से देश के सभी कर्मचारी व अधिकारियों में भारी रोष व्यापत है ।

इस अवसर पर हरियाणा प्रदेश के सबसे बड़े बिजली कर्मचारियों के संगठन एचएसईबी वर्कर्स यूनियन ने प्रदेश के तमाम कर्मचारी और निगम अधिकारी साथियों से एकजुट होकर आर पार की लड़ाई लडऩे का आह्वान किया है । उन्होंने बताया कि सरकार बिजली बिल संशोधन अधिनियम 2022 के नाम पर पूरे देश में बिजली विभाग का निजीकरण करने जा रही है । जिससे देश में स्थाई रोजगार का खात्मा होगा जिसके साथ साथ बेरोजगारी को बढ़ावा, पूंजीपतियों का सरकारी क्षेत्र में आधिपत्य होना, कर्मचारियों का शोषण, उपभोक्ताओं की क्रॉस सब्सिडी किसानों को मिलने वाली राहतों का समापन होना, बिजली को गरीबों की पहुंच से दूर करना, सरकार के द्वारा अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाडऩा इन सब बातों को लेकर कर्मचारी वर्ग में भारी रोष व्याप्त है। अगर संसद में इस बिल को पारित किया गया तो आने वाले समय में निश्चित तौर पर पूरे देश को बंद करने का काम किया जाएगा । इसमें किसी भी प्रकार की शांति व्यवस्था भंग होती है तो साल 2020 में हुए किसान आंदोलन जैसे हालात पैदा होंगे जिसकी नैतिक जिम्मेदारी केंद्र व प्रदेश सरकार की होगी । समय रहते सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। कर्मचारी, अधिकारी, आम उपभोक्ताओं व आम जनमानस की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बिजली बिल अधिनियम 2022 को पारित होने से रोकना होगा । आज सरकार को आम उपभोक्ता, आम जनमानस को बेहतर सुविधा देने की तरफ कदम बढ़ाना चाहिए ना कि निजीकरण करके अपने जिम्मेदारियों से पल्ला झाडऩे का काम करना चाहिये । अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय में हमारे सारे सार्वजनिक उपकरणों पर पूंजीपतियों का अधिपत्य हो जाएगा । जिससे कमेरे वर्ग की उपेक्षा को और अधिक बढ़ावा मिलेगा सरकार का काम गरीब उपभोक्ताओं को बिजली मुहैया कराना होता है ना कि गरीब वर्ग को बिजली की पहुंच से दूर करना । इन सब बातों से ऐसा प्रतीत होता है। कि आज देश में आम जनमानस व गरीब वर्ग की सुध लेने वाला कोई नहीं है । अगर इस बिल को पारित किया गया तो यह आंदोलन जन आंदोलन में बदलते देर नही लगेगी । इसलिए सरकार समय रहते इस पर संज्ञान ले ।

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Mazdoor Morcha
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