भ्रष्ट अफसरों द्वारा राज उगलने से कई नेताओं का दामन दागदार

भ्रष्ट अफसरों द्वारा राज उगलने से कई नेताओं का दामन दागदार
March 21 13:49 2022

करनाल। करनाल में रिश्वतखोरी के बड़े खेल में पकड़े गए डीटीपी और तहसीलदार की गिरफ्तारी के बाद इस मामले को लेकर मुख्यमन्त्री सहित भाजपा के बड़े नेताओं के खिलाफ मोर्चा खुल गया है। ‘आप’ नेता नवीन जयहिन्द ने सीएम व सांसद के खिलाफ रिश्वतखोरी की भडांस निकाली तो करनाल से सीएम के मुकाबले चुनाव लड़ चुके त्रिलोचन सिंह और पूर्व विधायक सुमिता सिंह ने भ्रष्टाचारी व्यवस्था को लेकर सीएम को कटघरे में खड़ा कर दिया।

भ्रष्टाचार के इस खेल की गवाह मिली एक डायरी ईंमानदारों के राज में चल रही बेईंमानी की पोल खोल रही है। बताते हैं कि रिमांड के दौरान डीटीपी से पूछताछ के बाद संलिप्तता के आरोपों के चलते करनाल के तत्कालीन डीसी निशांत यादव को भी नोटिस दिया गया है। उधर, करनाल में विजिलेंस ने 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़े डीटीपी विक्रम सिंह व 5 हजार लेते डीटीपी के ड्राइवर बलबीर को 3 दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया। ड्राइवर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। डीटीपी को 3 दिन और तहसीलदार का 1 दिन का रिमांड दिया गया।

डीटीपी के वकील राजीव शर्मा ने बताया कि क्रेटा, सेल्टोज दो गाडियां नकद में खरीद है। एक को रिकवर किया गया है। दूसरी को रिकवर किया जाना है। दो कार रिकवर करना है। एक गुरदास पुर और दूसरी पंचकुला से लाना है। 3 दिन का रिमांड मिला है। तहसीलदार के वकील जेपी सिंह ने बताया कि पुलिस की तरफ से 10 दिन का रिमांड मांगा था। डीटीपी का 3 दिन का रिमांड दिया है और राज बक्श को एक दिन का रिमांड दिया गया। राजबक्श हार्ट का मरीज है। थर्ड डिग्री का प्रयोग किये जाने की संभावना है। राजबक्श को गलत फंसाया गया है। हमने मांग की थी कि ऐसे में उनकी पूछताछ के दौरान एडवोकेट साथ रहेगा। जब भी जांच करेंगे। तब वो हमें साथ लेकर जाएंगे।

अब तक की जांच में सामने आया है कि तहसीलदार राजबक्श व डीटीपी विक्रम सिंह मिलकर अवैध कॉलोनियों को सीएम सिटी करनाल में बसाने का गिरोह चला रहे थे। तहसीलदार और डीटीपी अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री और एनओसी के लिए रिश्वत लेते थे। दोनों के पास भ्रष्टाचार से संबंधित कोई भी केस आता तो डील कर लेते थे।

अवैध कॉलोनियां विकसित कराने में दोनों अधिकारियों का अहम रोल रहता था। तहसीलदार कॉलोनाइजर्स के साथ मिलकर रजिस्ट्री की जिम्मेदारी लेता था और डीटीपी रजिस्ट्री के लिए एनओसी जारी करता था। दोनों अधिकारी मुंह मांगी रिश्वत लेकर पैसा इकट्ठा कर रहे थे।

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Mazdoor Morcha
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