पानी चोरों को मंत्री कृष्णपाल गूजर का संरक्षण, एमसीएफ कमिश्नर लाचार…

पानी चोरों को मंत्री कृष्णपाल गूजर का संरक्षण, एमसीएफ कमिश्नर लाचार…
May 11 07:10 2020

फरीदाबाद (म.मो.) कहावत है, जब सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का! इसी तर्ज पर जब गूजर भये स्थानीय सांसद व केन्द्रीय मंत्री और उनका पुत्र देवेन्द्र नगर निगम का उप-महापौर तो पानी के अवैध कनेक्शन हथियाने से डरना क्या?

सेक्टर 31 के मकान नं. 654 के सामने से ग्रीन बेल्ट व सडक़ पार करके 80 फीट लम्बी पाइप डाल कर देव एजुकेशन नामक एक स्कूल के मालिक ने दो मार्च को एक अवैध कनेक्शन जोड़ लिया। नगर निगम के नियमानुसार कोई भी कनेक्शन पौना इंच से अधिक का नहीं हो सकता जबकि यह कनेक्शन पूरा एक इन्च का है। जाहिर है यह कनेक्शन अपेक्षाकृत ज्यादा पानी खींचेगा। बेखौफ एवं दीदा-दिलेरी तो यह है कि पूरी ग्रीन बेल्ट व दो सडक़ें पार करके 80 फीट लम्बी लाइन डाल दी गयी। सेक्टर वासी इकट्ठे होकर अपने सेक्टर के एसडीओ जगदीश को उसी दिन जाकर मिले और लिखित सूचना दी। उसकी एक प्रति नगर निगम के आयुक्त को भी भेजी गयी। जगदीश एसडीओ ने कार्यवाही के नाम पर अपने प्लम्बर को कनेक्शन काटने भेजा जो उसे अवैध कनेक्शन धारक ने धमका कर भगा दिया। पलम्बर से पूछने पर उसने बताया कि उसे मौके पर जेई सुरेन्द्र का फोन आया और उसे कनेक्शन काटे बिना वापस बुला लिया।

वह कनेक्शन आज भी ज्यों का त्यों मौजूद है। यह तो संभव नहीं कि प्लम्बर ने वापस आकर एसडीओ को रिपोर्ट न की हो; हां यह संभव है कि पलम्बर को धमकाने के बाद देव एजुकेशन वाले ने एसडीओ को भी मंत्री गूजर का हवाला देकर धमकाया हो। विदित है कि यह ‘देव एजुकेशन’ वाला भी कृष्णपाल के गांव मेवला महाराजपुर का ही गूजर है। इस नाते से उसका तो हक बनता है चोरी और सीनाजोरी करते हुए पलम्बर व एसडीओ तो क्या वह तो न जाने किस-किस को धमका दे। हुकूमत का नशा कुछ ऐसा ही होता है। अपनी चलती में न चलाई तो फिर कब चलायेंगे?

इस उक्त अवैध कनेक्शन से पहले भी इसी सेक्टर के प्लॉट नं. 854 से 875 वाली लाइन के सामने से भी अवैध दर्जनों कनेक्शन लिये गये थे। ये पानी चोर भी मेवला महाराजपुर के गूजर ही हैं। इन पांच भाईयों ने बड़ी-बड़ी पांच रिहायशी व व्यवसायिक बिल्डिंगे बना रखी है। इन बिल्डिगों कें पीछे करीब डेढ सौ किरायेदारों की लख्खी कॉलोनी भी बसा रखी है। इतना ही नहीं ये लोग यहां पर अवैध रूप से फ्लैटों का निर्माण भी कर रहे हैं। उन किरायेदारों का पानी सप्लाई के लिये ये अवैध कनेक्शन लिये हुए हैं। इन सभी अवैध कनेक्शनों से पानी खींचने के लिये दो-दो हॉर्स पावर की मोटरें लगा रखी हैं जिनके चलते सेक्टर का अधिकांश पानी ये पानी चोर खींच लेते हैं। परिणामस्वरूप नियमित पानी का बिल भरने वाले सेक्टरवासी पानी की एक-एक बूंद को तरसते रह जाते हैं।

समझना कोई कठिन नहीं कि यदि इन पानी चोरों को मंत्री एवं उपमहापौर का संरक्षण न होता तो न केवल इनके कनेक्शन काट दिये जाते बल्कि पुलिस में आपराधिक मुकदमा भी दर्ज हो चुका होता। विदित है कि इन्हीं मंत्री महोदय के संरक्षण के चलते मेवला महारजपुर गांव के सैंकड़ों लोगों ने बिजली के भी अवैध कनेक्शन ले रखे थे जिन्हें काटने की हिम्मत प्रशासन में नहीं थी। इतना ही नहीं अनेकों ऐसे भी कनेक्शन थे जो बिल नहीं भरते थे। बिजली विभाग ने इनका जुर्माना भी माफ कर दिया था, इसके बावजूद भी महीनों तक ये लोग बिल भरने नहीं आये थे। यही तो है राजनीतिक सत्ता के दुरूपयोग का कमाल जिसे बनाये रखने के लिये तमाम तरह के हथकंडे अपनाये जाते हैं।

 

 

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Mazdoor Morcha
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