पेट्रोलियम की बिक्री बढ़ाने हेतु मैट्रो रेल बंद रहेगी

पेट्रोलियम की बिक्री बढ़ाने हेतु मैट्रो रेल बंद रहेगी
July 04 08:07 2020

 

फरीदाबाद (म.मो.) 24 मार्च से चले लॉकडाउन के दौरान मैट्रो रेल समेत सभी वाहन पूरी तरह से बंद करा दिये गये थे। इस दौरान डीजल-पेट्रोल की बिक्री 10 प्रतिशत से भी नीचे चली गयी थी।

जाहिर है बिक्री घटने से सरकारों को होने वाली खरबों रुपये की आमदनी भी मारी गयी। अनलॉक होने यानी लॉकडाउन हटने के बाद ऑटो रिक्शा से लेकर हवाई जहाज तक सब वाहन चलने लगे। बेशक कुछ शर्तों के साथ चले पर चले तो सही। गरीबों की सवारी-ऑटो व बस आदि पर तो क्षमता से आधी सवारी बैठाने की शर्त लगाई गयी। कार व टैक्सी में भी दो से ज्यादा नहीं बैठेंगे, दुपहिया पर एक ही बैठेगा लेकिन हवाई जहाज में तमाम सीटें भरने की छूट रखी गयी। जाहिर है इसका लाभ हवाई यात्रा करने वाले अमीरों को ही होगा।

सरकार के इस अधकचरे अनलॉक डाउन के चलते, जब तमाम द$फ्तर, बैंक व कारोबार आदि खोल दिये गये, लेकिन लोगों के आवागमन के लिये मैट्रो रेल को नहीं खोला गया। इसके चलते, न चाहते हुए भी लो$गों को अपने निजी वाहनों का प्रयोग करना पड़ रहा है।

पहले तो निजी वाहन वाले पूल करके एक ही गाड़ी में चार-पांच लोग चले जाते थे, दुपहिया पर दो लोग चले जाते थे, लेकिन अब लगी शर्तों के मुताबिक हर व्यक्ति ने अपना-अपना निजी वाहन सडक़ पर उतार दिया है। इसके परिणामस्वरूप सडक़ों पर भयंकर जाम की स्थिति बन गयी है।

इससे न केवल लोगों का समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि पर्यावरण की भी ऐसी-तैसी हो रही है, जो वायु प्रदूषण लॉकडाउन के दौरान गायब सा हो गया था, पुन: लौट आया है, केवल मोदी सरकार के मेहरबानी से। हां तेल की बिक्री जरूर इस दौरान बढ़ रही है। इस बढी हुई बिक्री से और अधिक लाभ उठाने के लिये बीते तीन सप्ताह में मोदी सरकार लगातार तेल के दाम बढाकर जनता से अधिकतम धन निचोड़ लेने की $िफराक में है।

विदित है कि देश का खरबों रुपया खर्च करके मेट्रो रेल इसलिये बनाई गयी थी कि लो$गों का समय व तेल का खर्च बच सके तथा सडक़ें जाम मुक्त होने के साथ-साथ वायु प्रदूषण से भी कुछ राहत मिल सके। लेकिन मोदी ने इस आवश्यकता को ताक पर रख कर पूरे एनसीआर की जनता  को ब्लैक मेल करने की नीति अपना ली है केवल अपना खजाना भरने की

नीयत से। दुर्भाग्य की बात तो यह है कि मुख्य धारा का मीडिया इस सवाल को उठाने तक की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा।

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Mazdoor Morcha
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